आज भी अबजो पन्ने...क्षमा किजिए, सी.डी. मे भर सकें, इतना विशाल साहित्य विश्व में विद्यमान है, अगर किसी की दुर्लभता है तो वह है सम्यक वचन की| इनमें भी आगमादि जो सम्यक वचन अल्प मात्रा में उपलब्ध…
1
1
चिन्तामणि हाथ में है, कामधेनु दरवाज़े पर है और कल्पवृक्ष आँगन में है| प्रभु शंखेश्वर की आराधना करो, और बस... इच्छा करो, चमत्कार आप का दीदार करने के लिये उत्सुक है! श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान क…
2
2
अध्यात्म के विराट गगन में उड्डयन करने के लिये... योगसाधना की परम कक्षा को प्राप्त करने के लिये... जीवमुक्ति के आनंद और मुक्ति के परमानंद को पाने के लिये... गृहस्थजीवन में भी सुख, शाति एवं समाधि क…
3
3
भवसागर को तरने का केवल एक ही उपाय है... आत्मसागर में डूब जाओ... परमानद... परमसुख... परम अनुभूति... परम समाधि... जो भी कहो, वह इस डुबकी में है और जो आत्मसागर में नही डूबा, वह बाह्य विश्व में चाहे कितन…
4
4
प्रवचनधारा हो... गृहश्रृंगार हो, चित्रकाम हो या मुद्रणकार्य हो,उन सब में जान डालता है अवकाश। सृष्टि का यह सनातन सत्य है - जितना अवकाश उतनी आभा। जितनी शून्यता उतनी पूर्णता। अध्यात्मविश्व में भी यह…
5
5
अापको कही भटकने की अावश्यकता नहीं, प्रातः समय गुरु गौतम का स्मरण करो, हर मनोकामना तत्क्षण पूर्ण होगी। गुरु गौतम स्वामी का यह अष्टक, महाप्रभावक एवं महाचमत्कारिक है। गौतम स्वामी भगवान महावीर स्वामी क…
6
6
Read this book in order to take flight in the world of spiritualism, in order to scale the peaks of meditation, in order to attain the bliss of freedom from death. Read this book to find peace in day…
7
7
The Jainism has divided the rotations of the wheel of time in two on the basic of their outcome. During the utsarpini period the Joys increase gradually and during avasarpini the woe multiply…
8
8
For the first time, this influential study by Ludwig Alsdorf is made available to an English speaking audience, translated by Bal Patil. It focuses on two of the most pertinent issues in Indian…
9
9
The Guide for the Perplexedby Moses Maimonides, M. Freidländer, tr.Maimonides' masterful summation of theology, natural philosophy and divine law.The Guide consists of three books. The first…
10
10